आज उत्तराखंड पावर कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन की वार्षिक बैठक जीएमएस रोड देहरादून स्थित एक स्थानीय होटल में आयोजित की गई l इस बैठक में तीनों ऊर्जा निगमों से संबंधित पावर कॉन्ट्रैक्टर्स ने भाग लिया एवं एकजुट होकर अधिकारियों द्वारा ठेकेदारों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया l ऊर्जा विभागों में तरह-तरह की कमीशनखोरी एवं उत्पीड़न के खिलाफ कॉन्ट्रैक्टर्स ने रणनीति बनाने के लिए भविष्य में एक समिति का गठन किए जाने का प्रस्ताव भी पास किया l लगभग 5 वर्ष पूर्व की लेबर दरों को तुरंत बढ़ाए जाने पर जोर दिया एवं किए गए कार्यों के भुगतान में होने वाली देरी को दूर करने पर भी जोर दिया l बाहरी कम अनुभवी लोगों को बुलाकर उनसे कार्य करवाने के बजाय स्थानीय अनुभवी लोगों को ही कार्य दिए जाने पर जोर दिए जाने की सभी कॉन्ट्रैक्टर्स ने पुरजोर वकालत की l शासन द्वारा प्रदत्त इलेक्ट्रिकल लाइसेंस को एक वर्ष की बजाय 3 वर्ष के लिए आवंटित करने की मांग रखी गई ताकि लाइसेंस प्रदान करने वाली संस्था से हर वर्ष होने वाले शोषण से बचा जा सके l इसके अलावा यूपीसीएल के उच्च अधिकारियों से मिलकर उनको उत्पीड़न के खिलाफ चेताना भी इस मीटिंग का मुख्य मुद्दा बना रहा l सभी कॉन्ट्रैक्टर्स ने निकट भविष्य में एकजुट होकर आगे लंबी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया l इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारणी अध्यक्ष सुरेश बेलवाल , विजेंद्र पोखरियाल , प्रभात उनियाल , जयेंद्र सेमवाल , विमल कुकरेती , लोकेश कौशिक, मनोज बड़थ्वाल, सुरेन्द्र घिल्डियाल, रोशनलाल उनियाल , नितिन कंसवाल, सोबत सिंह गुसाईं , अनिल गुसाईं , शिवराज नेगी , अजीत बिष्ट , कुलदीप शर्मा आदि ने अपने विचार रखे एवं उत्पीड़न के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया l
