Breaking : मानसून तैयारियों की समीक्षा के लिए IG SDRF का औचक निरक्षण,SDRF टीमें न्यूनतम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य प्रारंभ करें – अरुण मोहन जोशी

मानसून तैयारियों की समीक्षा हेतु पुलिस महानिरीक्षक, SDRF द्वारा SDRF वाहिनी का औचक निरीक्षण*

देहरादून : आज पुलिस महानिरीक्षक, SDRF उत्तराखंड,  अरुण मोहन जोशी (IPS) ने SDRF वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट का औचक निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी (IPS) सहित वाहिनी के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ बैठक कर मानसून सत्र, आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों तथा वर्तमान में जारी रेस्क्यू अभियानों की गहन समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने राज्यभर में SDRF द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियानों की सराहना की । उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में SDRF टीमें न्यूनतम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य प्रारंभ करें, तथा प्रत्येक ऑपरेशन के उपरांत टीमों से फीडबैक प्राप्त किया जाए और आवश्यकतानुसार उपकरणों की त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

हाल ही में रुद्रप्रयाग जिले के घोलतीर में हुई बस दुर्घटना तथा उत्तरकाशी के सिलाई बैंड में बादल फटने की घटनाओं के संदर्भ में उन्होंने निर्देशित किया कि SDRF द्वारा किए गए त्वरित खोज एवं बचाव कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु राजपत्रित अधिकारियों को मौके पर भेजा जाए, जिससे संचालन की प्रभावशीलता में और वृद्धि हो सके।

पुलिस महानिरीक्षक  ने SDRF मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम को अत्याधुनिक संचार तकनीकों, रियल-टाइम मैपिंग एवं डेटा विश्लेषण प्रणाली से सुसज्जित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी बड़े ऑपरेशन के दौरान यह यूनिट मुख्य गाइडिंग सेंटर के रूप में कार्य कर सके और सटीक एवं त्वरित निर्णय प्रक्रिया को संभव बना सके।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि SDRF की प्रशिक्षण इकाई को केवल प्रशिक्षण गतिविधियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू संचालन के दौरान ‘Technical Guide Unit’ के रूप में सक्रिय किया जाए। इससे फील्ड में कार्यरत टीमों को तकनीकी, रणनीतिक एवं तात्कालिक निर्णयों में विशेषज्ञ सहयोग प्राप्त होगा, जिससे अभियान अधिक संगठित, सुरक्षित और प्रभावी सिद्ध हो सकें।

इससे पूर्व, पुलिस महानिरीक्षक ने SDRF  सहस्त्रधारा पोस्ट का भी निरीक्षण किया , जहाँ उन्होंने टीम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे राजधानी क्षेत्र में त्वरित आपदा प्रतिक्रिया हेतु सशक्त बनाए जाने के निर्देश दिए।

पुलिस महानिरीक्षक  ने कहा कि SDRF उत्तराखंड, प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा हेतु हर परिस्थिति में सतर्क एवं तत्पर है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करने वाली SDRF टीमों को हरसंभव उन्नत संसाधन, तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसी भी आपदा या आपात स्थिति में तेज़, सटीक और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान SDRF कमामन्डेन्ट अर्पण यदुवंशी, उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक शांतनु पराशर एवं सुशील रावत, निरीक्षक प्रमोद रावत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *