माह-ए-रमज़ान का पहला जुमा़ अकीदत व एहतराम के साथ अदा — इस बार सदक़ा-ए-फ़ित्र 50 रुपये निर्धारित
देहरादून : माह-ए-रमज़ान का पहला जुमा आज देहरादून में पूरे एहतराम और रूहानी माहौल के साथ अदा किया गया। शहर की मस्जिदों में नमाज़ियों की अच्छी तादाद रही और अल्लाह की बारगाह में खास दुआओं का एहतमाम किया गया।
इस मौके पर शहर काज़ी देहरादून मुफ्ती हशीम अहमद क़ासमी ने जुमे के बयान में रमज़ान की फ़ज़ीलत और रोज़े की अहमियत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि यह महीना सब्र, तक़वा और इंसानियत को मजबूत करने का महीना है। रोज़ा हमें अपने किरदार को बेहतर बनाने और जरूरतमंदों का सहारा बनने की तालीम देता है।
शहर काज़ी ने ऐलान किया कि सदक़ा-ए-फ़ित्र रु० 50 है। उन्होंने अपील की कि साहिब-ए-हैसियत लोग ईद की नमाज़ से पहले सदक़ा-ए-फ़ित्र अदा कर दें, ताकि हर जरूरतमंद तक मदद पहुँच सके और वह भी ईद की खुशियों में शामिल हो सके।
आख़िर में मुल्क में अमन-चैन, और तरक़्क़ी के लिए दुआ की गई।
