धामी कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय, 12 प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। सचिवालय में आज धामी कैबिनेट की बड़ी बैठक आयोजित की गई। धामी कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये।

‘कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय’

1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।

पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।

2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।

राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (Document Verification) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।

ये भी पढ़ें:  सीएम धामी के विजन को एमडीडीए ने दी रफ्तार, IAS बंशीधर तिवारी का एक्शन मोड- हरियाली भी, बुलडोजर भी

4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (price adjustment) किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

6. Trade Infrastructure for Export Scheme (TIES) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।

राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, 02 Technical Assistant) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।

ये भी पढ़ें:  कैबिनेट बैठक में पूर्व सीएम खण्डूरी और जसपाल राणा को दी गई श्रद्धांजलि

7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।

8. मा. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर मा. सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।

ये भी पढ़ें:  उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता – डॉ. आशीष चौहान

10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

11. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।

राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।

12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।

13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।

वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *