IAS बंशीधर तिवारी को मिली एक और बड़ी जिम्मेदारी, बने मुख्यमंत्री के अपर सचिव

देहरादून: उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में एक बार फिर बंशीधर तिवारी का कद बढ़ा है। पहले से ही कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाल रहे IAS बंशीधर तिवारी को अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अपर सचिव भी बना दिया गया है। अब वे मुख्यमंत्री के बेहद करीब से नीति-निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।

यह वही बंशीधर तिवारी हैं, जिनके पास पहले से सूचना विभाग के महानिदेशक और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी एंट्री, ये दर्शाता है कि सिस्टम के भीतर जो लोग काम कर रहे हैं, उन्हें सराहा भी जा रहा है।

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बंशीधर तिवारी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। रणनीति के सटीक खिलाड़ी माने जाते हैं। कैमरे की चकाचौंध से दूर, मगर हर फाइल में मौजूद। निर्णयों को क्रियान्वयन तक ले जाने की क्षमता हो तो बंशीधर जैसे अफसर की याद आती है। न भाषण, न बयानों की राजनीति — सीधे काम पर फोकस।

सूचना विभाग में उनकी पकड़ मजबूत रही है। सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बात हो या मीडिया प्रबंधन — बंशीधर तिवारी ने हर बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय में पहुंचना ये संकेत देता है कि नौकरशाही में अब भरोसे और परिणाम दोनों की कीमत है।

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कुछ लोग तो तंज में कहते हैं — “अब मुख्यमंत्री सचिवालय में भी प्रोफेशनल मैनेजमेंट की हवा चलेगी”, और इसमें मज़ाक कम, संकेत ज़्यादा हैं। अफसरशाही में कई चेहरे आते-जाते रहते हैं, पर बंशीधर तिवारी जैसे अफसरों की मौजूदगी से यह भरोसा जागता है कि सरकार की रीढ़ अभी भी सीधी है।

जिस राज्य की राजनीति अक्सर तबादलों और संतुलन के खेल में उलझी रहती है, वहां बंशीधर जैसे कार्यकुशल, स्पष्ट और सधे हुए अफसरों की जरूरत हमेशा बनी रहती है।

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सवाल सिर्फ पदों का नहीं है, बात उस भरोसे की है जो मुख्यमंत्री ने जताया है — और उस ज़िम्मेदारी की भी, जिसे अब निभाना है।

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